Munshi Premchand (Dhanpat Rai Shrivastava)

“वह प्रेम जिसका लक्ष्य मिलन है ,प्रेम नहीं वासना है।”

― प्रेमचंद

Goswami Tulsidas

कविता करके तुलसी न लसे,
कविता लसी पा तुलसी की कला ।